मंगलवार, फ़रवरी 05, 2019

तर्क और भावना की जंग

तर्क धोखा है। किसी के साथ गलत होगा तो कहेंगे, मेरे साथ भी तो हुआ था! तर्क सिर्फ हमे अपने से बाहर फँसाने का मार्ग है। तर्क दिमाग़ को कंनफ्यूज करने का काम करता है। सत्य, सुंदरता, प्यार तो सिर्फ महसूस किया जा सकता है, उसे साबित नही कर सकते!
करना है तो खुद से सवाल करो। किसी बात को बोलने, सुनने से कैसा महसूस हो रहा है। हर सोच जो मेरे दिमाग़ मे आ रही है वो क्या है, क्यो है? कैसा फ़ील होता है? हर बात जो हो रही है या मै कर रही हूँ, वो मुझे कैसा अहसास दिला रहा है! 
अहसास अंदर है और तर्क बाहर! अहसास खुद को जानने का तरीका और तर्क खुद से भागने का। 
We are beautiful feeling beings with ugly logical minds!

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