मेरा टीका ले जा बनिये के
ज़रा सा गुड और दे जा रे बनिये के
तेरा गुड खा कर पछताई
मुझे तो जाने क्या हो गया रे बनिये के
मुझे दिन में भूख नही लगती बनिये के
मुझे रात भर नींद न आवें बनिये के
मेरा हंसला ले जा गुजर्र के
ज़रा सा गुड और दे जा रे गुजर्र के
तेरा गुड खा कर पछताई
मुझे तो जाने क्या हो गया रे गुजर्र के
मुझे दिन में भूख नही लगती गुजर्र के
मुझे रात भर नींद न आवें गुजर्र के
मेरा पैंडल ले जा जाटे के
ज़रा सा गुड और दे जा रे जाटे के
तेरा गुड खा कर पछताई
मुझे तो जाने क्या हो गया रे जाटे के
मुझे दिन में भूख नही लगती जाटे के
मुझे रात भर नींद न आवें जाटे के
मेरा झूमर ले जा राजे के
ज़रा सा गुड और दे जा रे राजे के
तेरा गुड खा कर पछताई
मुझे तो जाने क्या हो गया रे राजे के
मुझे दिन में भूख नही लगती राजे के
मुझे रात भर नींद न आवें राजे के
गोरखपान
ओ बनिये तैने ऐसों गुड खिलाया
मैं मिठ्ठी हो गई
ओ गुजर्र
राजा के लड़का कहा - सवा महिना रह चली माथा बिंदी ला चली सिर की चुन्नी न हटा चली अपना भेद न दे चली; सारा भेद ले चली!
बोब्बो क्या हुआ शादी के कुछ दिन रह गए
एक थाली का खाना है
जो तू मेरे सर हो गई
जो बिना शादी के बिना सगाई
भेस मर्दाना
मैदे की औरत बना दी और अंदर सीरा भर दिया
अपना जेवर ओढ़नी उढा दी
राजा की लड़की तीन तुकडे किए
ख़ून मीठा तो वो क्यों न मीठी होगी
सीरा भरा पड़ा वो डंगरो को दे दिया।
उसके पास रहे मौज से
किसी भी पुरुष की सही पहचान उसके इंटिमेट रिश्तों में व्यवहार से होती है। जो अपनी पब्लिक लाइफ़ चमका कर रखते है वो ऐसे रिश्तों में ज़बरदस्त मैन्यूपुलेशन करते है!
चल ले चल रे बंगाली
मेरा ससुरा बोल बोले
तैने मेरा हाल ख़राब किया के
डंडा उठा कर ले चल रे बंगाली
मेरा देवर बोल बोले
तैने मेरा हाल ख़राब किया के
सरसी उठा कर ले चल रे बंगाली
मेरा लोग बोल बोले
तैने मेरा हाल ख़राब किया के
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