एक बच्चा जब अपनी मम्मी या पापा को चोरी-चोरी किसी और से नज़दीक पाता है तो
उसे कैसे लगता है? आप को किसी और से अपने मम्मी या पापा के अंतरंग संबंध
को बारे में पता चलता है तो आपको कैसा लगेगा। ऐसे में आप क्या करेंगे?
हम माँ बाप को इस ऊँचे स्थान पर रख देते है की हमें वो आपस में सेक्स करते भी खटकते है!
ये भी क्या पेरेंटिंग की कमी है या समाज ये भाव बच्चों में डालता है? या ये सब उम्र को हिसाब से सेक्स के बारे में जानकारी न देना का नतीजा है?
जो भी इस सबने तमाम बचपन और ज़िंदगी बर्बाद की है! ग़ुस्सा, घृणा, डर और अपराध बोध जैसे ख़तरनाक अहसासों से बचपन और जवानी भर जाती है। आप अपने मम्मी पापा ही नही ख़ुद को भी माफ़ नही कर पाते हो!
छुपा हुआ हलके से हल्का सच से बेहतर है भारी से भरकम सच जो सबके सामने है!
हम माँ बाप को इस ऊँचे स्थान पर रख देते है की हमें वो आपस में सेक्स करते भी खटकते है!
ये भी क्या पेरेंटिंग की कमी है या समाज ये भाव बच्चों में डालता है? या ये सब उम्र को हिसाब से सेक्स के बारे में जानकारी न देना का नतीजा है?
जो भी इस सबने तमाम बचपन और ज़िंदगी बर्बाद की है! ग़ुस्सा, घृणा, डर और अपराध बोध जैसे ख़तरनाक अहसासों से बचपन और जवानी भर जाती है। आप अपने मम्मी पापा ही नही ख़ुद को भी माफ़ नही कर पाते हो!
छुपा हुआ हलके से हल्का सच से बेहतर है भारी से भरकम सच जो सबके सामने है!
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